बड़ा मंगल: अयोध्या में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, बड़ी संख्या मे भक्तों ने किया दर्शन-पूजन

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बड़ा मंगल: राम नगरी अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने किए पुख्ता इंतजाम

अयोध्या। ज्येष्ठ माह के पांचवें बड़े मंगल के मौके पर अयोध्या सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी सहित हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त से ही बजरंगबली के दर्शन और पूजन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। तो वहीं प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी में मत्था टेककर सुख-समृद्धि की मंगलकामना किया।

भोर से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने बजरंगबली को लड्डू और प्रसाद चढ़ा कर आशीर्वाद लिया, इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने बजरंगबली को चोला, सिंदूर, चमेली का तेल, लड्डू और प्रसाद अर्पित किया।  वहीं अन्य मंदिरों में विशेष पूजन-अर्चन और सुंदरकांड पाठ का भी आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा माहौल जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयघोष से भक्तिमय नजर आया।

दूसरी तरफ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग की तरफ से  सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए । हनुमानगढ़ी परिसर, रामपथ और प्रमुख मार्गों पर बड़ी संखा में पुलिस बल तैनात रहा। भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई तथा श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाए गए। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी रखी गई और आलाधिकारी भी ग्राउन्ड जीरो पर उतर कर निगरानी करते नजर आए।

बड़े मंगल के अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं और राहगीरों को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ता सेवा कार्यों में जुटे रहे। गर्मी को देखते हुए कई स्थानों पर शीतल जल और शरबत की भी व्यवस्था की गई।

हनुमानगढ़ी के संत महंत राजू दास ने बताया कि बड़े मंगल का विशेष महत्व है और इस दिन बजरंगबली की आराधना से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसीलिए आज के दिन बड़ी संख्या मे बजरंग बली के भक्त अयोध्या पहुचे है और सिद्ध पीठ हनुमान गढ़ी मे दर्शन पूजन कर रहे है।

जानिए, बड़े मंगल की पौराणिक मान्यता.. 

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही प्रभु श्रीराम और हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी और इसी दिन से हनुमान जी श्रीराम के परम भक्त और उनके सबसे बड़े सेवक बने थे। एक अन्य मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही हनुमान जी को चिरंजीवी अर्थात अमर रहने का वरदान प्राप्त हुआ था। यही कारण है कि बड़े मंगल का विशेष महत्व माना जाता है और यह भी माना जाता है कि इस दिन दान पुण्य और हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से सभी संकट दूर होते हैं।

जानिए, इस वर्ष आठ बड़ा मंगल क्यों…. 

ज्योतिषी के जानकार बताते है कि इस वर्ष अधिक मास (मलमास) के दुर्लभ संयोग के कारण बड़ा मंगल का पर्व और भी खास हो गया है। आमतौर पर ज्येष्ठ माह में चार या पांच बड़े मंगल पड़ते हैं, लेकिन इस बार कुल 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं। ऐसा दुर्लभ संयोग  लगभग 19 वर्षों बाद बना है, जिसके कारण हनुमान जी के भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी लिए इस बार भक्ति, उत्साह और सेवा भाव के साथ जगह जगह भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।

बड़े मंगल पर भक्ति, सेवा और दान की परंपरा

वर्षों से चली या रही परंपरा के अनुसार बड़ा मंगल के मौके पर मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर विशाल भंडारों का आयोजन किया जाता है। जगह-जगह श्रद्धालुओं और राहगीरों को शर्बत, ठंडा पानी, पूड़ी-सब्जी, हलवा और अन्य प्रसाद वितरित किए जाते हैं। भीषण गर्मी के बीच सेवा और दान की यह परंपरा लोगों को राहत देने का भी कार्य करती है।

इस दिन भक्त प्रातः स्नान कर हनुमान जी को लाल सिंदूर, चमेली का तेल और बूंदी या मोतीचूर के लड्डुओं का भोग लगाते हैं। हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से पूजा करने पर बजरंगबली अपने भक्तों के सभी कष्ट दूर कर उन्हें शक्ति, साहस, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।


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